इस वर्ष शारदीय नवरात्र

इस वर्ष का शारदीय नवरात्र 17 अक्टूबर दिन शनिवार से प्रारंभ हो रहा है।
प्रतिपदा नक्षत्र रात में 11:27 तक है। अत: प्रातः काल से ही कलश स्थापन किया जा सकता है परंतु विशेष मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त होता है जो दोपहर में 11:36 से 12:24 तक 48 मिनट का समय होता है।
सही विधि से यदि अभिजीत मुहूर्त निकालना है तो अलग-अलग स्थानों पर सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर अलग अलग होता है।

*स्थानीय अभिजीत मुहूर्त निकालने की विधि*।

जिस किसी स्थान का आपको अभिजीत मुहूर्त निकालना हो वहां पर पहले दिनमान निकाल कर उसको आधा करें और सूर्योदय में जोड़ दें जो समय आएगा उसमें 24 मिनट घटा दें वहां से अभिजीत मुहूर्त प्रारंभ होगा और 24 मिनट जोड़ दें जहां तक समय हो रहा है वहां तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा।
उदाहरण के लिए दिनमान यदि 12 घंटे 24 मिनट का है तो उसका आधा करने पर 6 घंटा 12 मिनट होगा। यदि सूर्योदय प्रातः 6:00 हुआ है तो उसमें 6 घंटा 12 मिनट जोड़ने पर 12:12 का समय मध्यान्ह का होगा। अब 12:12 में 24 मिनट घटाने पर 11:48 आएगा और 12:12 में 24 मिनट जोड़ने पर 12:36 आएगा।
 इस प्रकार अभिजीत मुहूर्त का समय 11:48 से 12:36 तक होगा।
इसी प्रकार अन्य जगह का निकाल सकते हैं।

यदि इतनी गणित करना संभव ना हो तो हिंदू कैलेंडर (Hindu Calendar) एप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर लें और उसमें सेटिंग में जाकर के अपने जिले का नाम टाइप करके सेटिंग सेव कर लें।
 आप किसी भी दिन का अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया मुहूर्त आदि आसानी से देख सकते हैं।

*दशहरा कब मनाएं*?
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इस वर्ष 25 अक्टूबर दिन रविवार को नवमी तिथि महावीर पंचांग के अनुसार प्रातः 11:14 तक है। उसके बाद दशमी तिथि लग जा रही है। मध्यान्ह पूर्व से प्रारंभ होकर अपराहन व्यापिनी दशमी तिथि को श्रवण नक्षत्र से युक्त होने के कारण इस वर्ष विजयदशमी का पर्व 25 अक्टूबर को ही मनाना शुभ प्रद है।
 24 अक्टूबर को दिन में 11:28 पर नवमी तिथि लग रही है जो 25 अक्टूबर को 11:14 तक रहेगी।
वैसे तो 24 अक्टूबर को 11:30 बजे के बाद भी हवन किया जा सकता है परंतु 25 को 11:15 बजे से पहले हवन करना अधिक उपयुक्त रहेगा।

विजयदशमी पूजन, शस्त्र पूजन, शमी पूजन, नीलकंठ दर्शन, अपराजिता पूजन आदि कार्य 25 अक्टूबर को करना श्रेष्ठ रहेगा।
 9 दिन व्रत करने वाले लोग 25 अक्टूबर को ही 11:15 के बाद नवरात्र व्रत का पारण कर सकते हैं।
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन 26 अक्टूबर दिन सोमवार को करना शुभ रहेगा।
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जय करुणामई आदिशक्ति🌹

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